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मेरी चाहत... तुम्हारा आना.... मेरे जज्बातों का मुस्कुराना... तुम्हारी जुदाई के पलों का... यूँ मुझसे दूर जाना... यह शहादत है मेरी... कि तुम्हारा इंतजार रहता है... न चाहते हुए भी क्यों.. मेरा दिल बेकरार रहता है... प्यार नहीं है तुम्हें मुझसे... फिर भी क्यों... प्यार है मुझे तुमसे.... अफसोस है मुझे कि... मैं बाँध नहीं पाता... इन रिश्तों को.... जज्बातों को... इन बिखरी हुई दास्ताँ को... गर तुम ...आगे पढ़ें... 

मुद्दते हो गई तेरे मेरे अफसाने को...
प्रिये जानम समय किस तरह रेत की तरह निकल गया.... तेरी-मेरी चाहतों का का सूरज भोर से शाम की ओर निकल ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 12 नवंबर, 2009 4:19:00 PM IST पर पोस्टेड
फिर.. याद तुम्हारी दिला दी...
जिस तरह बादल बरसने से पहले रिझाते हैं.. ठीक उसी तरह तुम्हारी यादें भी हमें रिझाती है... याद आते हैं ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 11 जुलाई, 2009 6:41:00 PM IST पर पोस्टेड
मेरी जिद्‍ तुम्हीं तो थीं
प्रिय जानम, यह मेरी जिद्द थी कि तुम मेरी रहो... मेरी शहदत है, कि मैंने तुम्हें टूटकर चाहा और यह ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 26 नवंबर, 2008 7:41:00 AM IST पर पोस्टेड
चोर या छलिया....हूँ तो तुम्हारा...
मेरी प्रियतमा, समझ नहीं आता कि किस नाम से तुमको सम्बोधित करूँ मैं... मेरे प्यारे हमराज, हम कदम, ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 16 नवंबर, 2008 11:43:00 AM IST पर पोस्टेड
किससे कहें....
प्रिय जानम, हम कहें किससे अपनी व्यथा कारुणिक है हमारी कथा... मिल गए आप, अच्छा हुआ मर गए होते हम ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 1 नवंबर, 2008 10:21:00 AM IST पर पोस्टेड
चम्चागिरी.... : व्यंग्य
यूँ तो बहुत से लोगों ने चम्चागिरी के ऊपर कई ग्रंथ लिख दिए हैं। वाकई में चम्चागिरी विषय बहुत अच्छा ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 9 जुलाई, 2009 12:59:00 PM IST पर पोस्टेड
मेरे जीवन के अनमोल 10 साल...
समय का खेल कोई नहीं जानता कि कब वह हमारे साथ कौन सा खेल खेल जाए। मेरा भी 10 साल पुरान नशा आज उतरा ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 8 मई, 2009 8:44:00 PM IST पर पोस्टेड
भीम और घटोत्कच के कंकाल मिले !
राजस्थान के रेगिस्तान वाले इलाके में दो विशालकाय कंकाल मिले हैं। साथ ही कुछ शिलालेख भी मिले हैं, ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 23 मार्च, 2009 3:12:00 PM IST पर पोस्टेड
दवा, दारू और मेरे अनुभव...
देखा जाए तो हमेशा दवा के साथ दारू अवश्य बोला जाता है। कहीं नहीं तो कम से कम हमारे मध्यप्रदेश में तो ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 23 मार्च, 2009 9:11:00 AM IST पर पोस्टेड
मुझे फाँसी की सजा सूना दो...
प्रिय जानम, किताबों की उलझनों से सुलझकर तुम पहुँच गई.... अपनी मंजिल पर सुनने में आया कि जज बन गई ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 21 मार्च, 2009 3:17:00 PM IST पर पोस्टेड
मेरा गुनाह
मैं अत्यन्त ही अनमने मन से कदम बढ़ाता हुआ घर जाने के लिए उसके ऑफिस से निकला। चलते वक्त मैं उससे ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 7 दिसंबर, 2008 11:40:00 AM IST पर पोस्टेड
खुद को ढूंढता हूँ...
प्रिय जानम, तुम... इतने समाए हो मुझमें कि ना जाने, कहाँ तक मैं और कहाँ तक तुम...! मेरी हर सोच पर, ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 4 नवंबर, 2008 11:14:00 AM IST पर पोस्टेड
मेरे ख्यालों की वास्तविकता हो तुम...
प्रिय मेरे खुबसूरत ख्याल तुम कहती हो मुझ से कि तुम ख्याल हो मेरा... पर मैं ये कहता हूँ कि ये ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 14 अगस्त, 2008 2:32:00 PM IST पर पोस्टेड
अब तो इकरार कर लो..
हाँ ये सच है कि मुझे तुमसे... अब भी प्यार... ये वही प्यार है... जिसके सामने... तुम गत वर्षों से ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 26 मार्च, 2008 2:51:00 AM IST पर पोस्टेड
तुम्हारा मुझसे रूठना...
हाँ मैं मानता हूँ कि गलती मुझसे हुई पर तुम भी भागीदार थी, मेरी गलती मैं तुम जब जानती हो कि मैं हूँ ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 29 नवंबर, 2008 8:37:00 AM IST पर पोस्टेड
सर्द मौसम... और तुम्हारी यादें...
मेरी जान, आज के सर्द मौसम ने... तुम्हारी यादों के गमले में प्यार की ओस छिटक दी है... तुम्हारा वो ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 22 नवंबर, 2008 8:37:00 AM IST पर पोस्टेड
सिर्फ 'तुम' और 'मैं'...
प्रिय जानम... अरे नहीं... कोई देख लेगा.. तुम्हारे ये वाक्य आज भी मेरे कानों में गूँजते हैं... भले ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 23 नवंबर, 2008 12:24:00 PM IST पर पोस्टेड
मेरा प्यार भरा आमंत्रण सिर्फ तुम्हारे लिए...
मेरी प्रियतमा... ये सच है कि तुम्हें मुझसे प्यार है... कहती नहीं हो तो क्या हुआ... फिर बताओ ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 20 नवंबर, 2008 9:36:00 AM IST पर पोस्टेड
तुझसे न मिलने की सजा...
प्रिय जानू... तेरी हर शिकायत मेरे सर_माथे होगी... तुझसे न मिलने की सजा... मेरे लिए खुद इक सजा ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 8 अगस्त, 2008 9:46:00 AM IST पर पोस्टेड
तुम्हारी चाहत ने दिवाना क्यों बनाया मुझे...?
तुम्हारी चाहत है मन में... शेष कुछ और नहीं अब जीवन में... लम्हों की गुजारिश और तन्हाइयों के पलों ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 5 फ़रवरी, 2008 3:14:00 PM IST पर पोस्टेड
दीवानगी है मेरी... ये तुम जानती हो...
मचलते मेरे अरमाँ की... महकती धड़कन हो तुम... मेरे जीवन का साज हो तुम... कब से कह रहा हूँ... और कब तक ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 18 जनवरी, 2008 2:46:00 PM IST पर पोस्टेड
गलत रास्ता यानी रॉग टर्न...
ये तो एक ट्रेलर हैं... पूरी फिल्म का मजा रात को 12 बजे से देखने में आएगा... पर शर्त ये है कि अकेले ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 14 नवंबर, 2008 9:41:00 AM IST पर पोस्टेड
खूबसूरत हसीना का गुस्सा...
फाइट हो तो ऐसी हो... वरना न हो... ये भी तो हुस्न के जलवे हैं। > width="420" height="336">>Kill Bill ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 6 नवंबर, 2008 11:33:00 AM IST पर पोस्टेड
गुस्सैल हुस्न
अरे जनाब क्या देख रहे हो.... बचकर रहना बहुत गुस्से वाली है.. ये मोहतरमा... > width="420" ... Rajendra Singh Kushwah द्वारा 6 नवंबर, 2008 10:14:00 AM IST पर पोस्टेड
फैशन शो...
फैशन शो आपके लिए... width=425 height=350>> Rajendra Singh Kushwah द्वारा 5 नवंबर, 2008 10:16:00 AM IST पर पोस्टेड
चुटकुले... दाढ़ीवाला
मजेदार चुटकुले का आनंद लीजिए... width=425 height=350>> Rajendra Singh Kushwah द्वारा 5 नवंबर, 2008 10:01:00 AM IST पर पोस्टेड